संकष्टी चतुर्थी 2026 अक्टूबर माह के अंत में मनाई जाएगी, जब भक्त भगवान गणेश की आराधना कर संकटों से मुक्ति पाएंगे। यह व्रत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है और इस वर्ष विशेष योगिक संरचनाओं के साथ यह तिथि और भी शुभ मानी जा रही है।
Table of Contents
Toggleसंकष्टी चतुर्थी 2026 की तिथि और चंद्रोदय का समय
संकष्टी चतुर्थी 2026 की तिथि 29 या 30 अक्टूबर को पड़ रही है। यह व्रत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दौरान रखा जाता है। इस दिन व्रती भक्त सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निराहार रहते हैं।
चंद्रोदय का समय इस व्रत में विशेष महत्व रखता है क्योंकि चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है। भक्तों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से चंद्रोदय का सटीक समय अवश्य देख लें।
भगवान वक्रतुंड की पूजा विधि
संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के वक्रतुंड स्वरूप की पूजा की जाती है। वक्रतुंड का अर्थ है टेढ़ी सूंड वाले, जो विघ्नों का नाश करने वाले माने जाते हैं।
पूजा की विधि में सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र को जल से स्नान कराएं। लाल या पीले पुष्प, दूर्वा, मोदक, लड्डू और फल अर्पित करें। धूप, दीप और नैवेद्य से पूजन करें।
संध्याकाल में चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें और भगवान गणेश का स्मरण करते हुए व्रत खोलें।
संकष्टी चतुर्थी 2026 का आध्यात्मिक महत्व
संकष्टी चतुर्थी 2026 में इस वर्ष विशेष योगिक संरचनाएं बन रही हैं जो साधना को और अधिक फलदायी बनाती हैं। परंपरा के अनुसार, यह व्रत जीवन में आने वाले संकटों को दूर करता है और मन को शांति प्रदान करता है।
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है। उनकी कृपा से बुद्धि, विवेक और सिद्धि प्राप्त होती है। जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत रखते हैं, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इस दिन दान और सेवा का भी विशेष महत्व है। गरीबों को भोजन कराना, ब्राह्मणों को दक्षिणा देना और पशु-पक्षियों को दाना-पानी देना पुण्यदायी माना जाता है।
चार राशियों पर विशेष कृपा
इस वर्ष संकष्टी चतुर्थी 2026 पर चार राशियों के जातकों को भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होगी। इन राशियों के व्यक्तियों के जीवन में आने वाले विघ्न दूर होंगे और उनके मनोरथ पूर्ण होंगे। ऐसे भक्तों को इस दिन विशेष भक्तिभाव से पूजन करना चाहिए।
संकष्टी चतुर्थी व्रत के नियम और सावधानियां
संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वाले भक्तों को कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। प्रातःकाल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूरे दिन सात्विक विचार रखें और क्रोध, लोभ से दूर रहें।
दिनभर में केवल जल ग्रहण कर सकते हैं। कुछ भक्त फलाहार भी करते हैं, पर पूर्ण उपवास अधिक फलदायी माना जाता है। चंद्रोदय से पहले अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए।
व्रत के दिन झूठ, निंदा और कटु वचन से बचें। सायंकाल गणेश जी की कथा अवश्य सुनें या पढ़ें।
संकष्टी और विनायक चतुर्थी में अंतर
संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है जबकि विनायक चतुर्थी या गणेश चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को आती है। दोनों में भगवान गणेश की ही पूजा होती है पर संकष्टी चतुर्थी विशेष रूप से संकट निवारण के लिए मनाई जाती है।
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़े तो उसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं, जो और भी अधिक शुभ मानी जाती है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न: संकष्टी चतुर्थी 2026 किस तिथि को है?
उत्तर: संकष्टी चतुर्थी 2026 अक्टूबर माह के अंत में 29 या 30 तारीख को पड़ रही है। स्थानीय पंचांग से सटीक तिथि देखें।
प्रश्न: संकष्टी चतुर्थी का व्रत कैसे रखें?
उत्तर: प्रातः स्नान कर भगवान गणेश की पूजा करें। सूर्योदय से चंद्रोदय तक निराहार रहें। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोलें।
प्रश्न: चंद्रोदय का समय क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: चंद्रोदय के बाद ही चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। बिना चंद्र दर्शन के व्रत पूर्ण नहीं माना जाता।
प्रश्न: संकष्टी चतुर्थी पर कौन सी राशियां लाभान्वित होंगी?
उत्तर: इस वर्ष चार राशियों को विशेष लाभ मिलेगा। इन जातकों के विघ्न दूर होंगे और मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
प्रश्न: व्रत में क्या खा सकते हैं?
उत्तर: पूर्ण उपवास सर्वश्रेष्ठ है। कुछ भक्त फलाहार करते हैं। चंद्रोदय से पहले अन्न वर्जित है।
Experience Divine Darshan with Durlabh Darshan
यदि आप घर बैठे भगवान गणेश के दर्शन करना चाहते हैं तो Durlabh Darshan ऐप आपके लिए सहायक हो सकता है। यह AR/VR तकनीक से विभिन्न मंदिरों के दर्शन का अनुभव प्रदान करता है। भले ही यह वास्तविक यात्रा का स्थान नहीं ले सकता, पर जो भक्त शारीरिक रूप से मंदिर नहीं जा सकते, उनके लिए यह भक्ति का एक माध्यम बन सकता है। Durlabh Darshan ऐप डाउनलोड करें और घर से ही पवित्र दर्शन का अनुभव लें।
For More Information Visit :







